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भारतीय रिज़र्व बैंक: आर्थिक स्थिरता का स्तंभ

भारतीय रिज़र्व बैंक की भूमिका और प्रभाव भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) भारत की केंद्रीय बैंकिंग संस्था है, जो देश की मौद्रिक नीति को नियंत्रित करती है। 2026 तक, RBI की बैलेंस शीट में 58.02 ट्रिलियन रुपये का वृद्धि दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा 2024 में 51.42 ट्रिलियन रुपये था, जो दर्शाता है कि बैंक की वित्तीय स्थिति में लगातार वृद्धि हो रही है। (Source: Government of India) मुद्रास्फीति और ब्याज दरें RBI ने 2025 में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख नीतिगत दरों में बदलाव किया। 2025 में, रेपो रेट 5.15% था, जो 2026 में बढ़कर 6.25% हो गया। इस बदलाव का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना था। (Source: Reuters) वित्तीय समावेशन भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। 2026 तक, भारत में बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या 80% तक पहुँच गई है। यह 2024 में 72% थी, जो दर्शाता है कि RBI की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। (Source: Government of India) डिजिटल भुगतान प्रणाली RBI ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ ल...